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80 回視聴 ・ いいね ・ 2025/03/15

Motivational Storyइन 5 जगहों पर चुप रहना सीखो | हर कोई आपका इज्जत करेगा Gautam Buddha ki kahaniyan



जो लोग बुद्धिमान हैं वह यह जानते हैं कि शब्द हथियार की तरह होते हैं जिनसे किसी को भी बचाया जा सकता है या किसी को भी मारा जा सकता है अब आप सोच रहे होंगे कि शब्दों से किसी को मारा कैसे जा सकता है तो जरा सोचिए ज्यादातर आत्महत्याओं के पीछे किसका कारण होता है किसी के पति ने कुछ कहा किसी के पिता ने कुछ कहा और उन लोगों ने आत्महत्या कर ली यह आत्महत्या किसके कारण हुई पीड़ित के मन को इतना दुखी कर गए कि उसके मन से वह दुख सहना और ज्यादा बर्दाश्त करना नामुमकिन हो गया और इसी वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली ऐसे ही आपके शब्द किसी को नया जीवन प्रदान कर सकते हैं जब कोई आदमी उदास होता है या दुखी होता है तो आपके शब्द उसमें एक नया जोश एक नया उत्साह भर सकते हैं और एक हारा हुआ आदमी अपने जीवन में एक नई शुरुआत कर सकता है सिर्फ शब्दों के माध्यम से हमारी वाणी के माध्यम से तो अब तक आप यह तो तो समझ ही गए होंगे कि हमारे शब्द हमारे जीवन को किस तरह निर्धारित करते हैं शब्दों में कितनी ताकत होती है और किसी से बात करते वक्त हमें कितनी सावधानी से अपने शब्द बोलने चाहिए आज जो बौद्ध कहानी मैं आपको सुनाने वाला हूं उसमें आपको सीधे तौर पर कुछ ऐसे तरीके पता चलेंगे कुछ ऐसी परिस्थितियां पता चलेगी जहां पर आपको हमेशा चुप रहना चाहिए कुछ परिस्थितियों में अगर आप कुछ नहीं बोलेंगे तो वही आपके लिए सबसे ज्यादा बेहतर होगा इससे पहले कि आप इस कहानी में खो जाएं इस चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर लें तो चलिए कहानी शुरू करते हैं एक बार की बात है एक युवा लड़का एक बार एक बौद्ध भिक्षु के पास पहुंचा वह काफी परेशान लग रहा था और उसने बौद्ध भिक्षु से जाकर पूछा कि हे महात्मा मैं अपने आप से परेशान हूं अपने आप से दुखी हूं बाहरी रूप से मुझे कोई दुख नहीं है मैं धन धान्य संपन्न हूं मुझे कोई शारीरिक रोग भी नहीं है लेकिन मैं मैं खुद से परेशान रहता हूं अपने मन से परेशान रहता हूं अक्सर मेरी बातों को मेरा कोई भी दोस्त गंभीरता से नहीं लेता है और ना ही मेरे परिवार के लोग मेरी किसी बात को गंभीरता से लेते हैं मैं जो कुछ भी सलाह देता हूं या तो वह उसे मजाक में उड़ा देते हैं या फिर उसे गंभीरता से लेते ही नहीं है मेरी बातों को कोई गंभीरता से क्यों नहीं लेता है क्यों मेरी बातों पर कोई अमल नहीं करता क्यों मेरी बातों में कोई रुचि नहीं दिखाता क्या कारण है कृपया मुझे बताने का कष्ट करें और मेरे मन के इस दुख को दूर करें यह सुनकर बौद्ध भिक्षु ने कहा कि आज सुबह मैं चालित ध्यान करके वापस आ रहा था रास्ते में कुछ कवे काव काव कर रहे थे और वहीं पर जब मैं चलता हुआ कुछ दूर आया तो मुझे एक मोर की मधुर आवाज सुनाई दी यह सुनकर अचानक मेरे मन में ख्याल आया कि कोवे कितना काव काव करते हैं कितना बोलते रहते हैं लेकिन कोई भी प्राणी कौवे की आवाज को पसंद नहीं करता मोर हमेशा सही परिस्थिति के हिसाब से बोलता है जब भी बारिश होने वाली होती है और बादल गरजते हैं और बारिश होने की आशंका होती है ऐसे में मोर अपनी मधुर आवाज में गाता है जो सभी को प्रिय होता है सभी को अच्छा लगता है ऐसे ही अगर इंसान सही परिस्थिति के हिसाब से सही शब्द बोले सही वाणी बोले तो वही वाणी दूसरों के लिए संगीत हो जाती है संगीत बन जाती है और दूसरे लोग तुमसे सम्मोहित हो जाते हैं और वहीं पर तुम्हें सब लोग गंभीरता से लेने लगते हैं और दूसरी तरफ अगर तुम यूं ही बेफिजूल ऐसे ही बोलते रहते हो बिना किसी बात के बोले चले जाते हो तो फिर तुम्हें कोई गंभीरता से नहीं लेता तुम उस कोवे की भांती हो जाते हो जिसकी वाणी कोई पसंद नहीं करता और बाद में तुम्हें दुख होता है कि तुम्हें कोई गंभीरता से क्यों नहीं लेता इसीलिए अपने शब्दों को बेहद बुद्धिमानी के साथ इस्तेमाल करना सीखो अगर तुम नहीं सीखो तो समाज में तुम्हें कोई सम्मान या कोई गंभीरता से नहीं लेगा यह सुनकर वह युवा लड़का बोला कि हे महात्मा मैं जानता हूं कि मैं ज्यादा बोलने की बीमारी से ग्रस्त हूं मुझे इतना नहीं बोलना चाहिए लेकिन मैं अपने आप पर काबू नहीं रख पाता और ना ही मैं इतना बुद्धिमान हूं कि मैं अपने शब्दों को नाप तोल करर बोल सकूं मैं तो किसी से बात करते वक्त इतना सोचता भी नहीं कि मुझे अपने शब्द किस तरह इस्तेमाल करने हैं कृपया करके कुछ ऐसी परिस्थितियां बता दीजिए जहां पर मुझे कम बोलना है या फिर बोलना ही नहीं है हमेशा चुप रहना है अगर आप मेरा ऐसे मार्गदर्शन कर सकते हैं तो मेरा जीवन आसान हो जाएगा और मुझे ज्यादा दिमाग या अपनी बुद्धि लगाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी यह सुनकर बौद्ध भिक्षु ने मुस्कुराते हुए कहा कि बेटा वैसे तो इंसान को हर परिस्थिति में सोच समझकर ही बोलना चाहिए लेकिन अगर वह हमेशा होश में नहीं रह पाता है ध्यान में नहीं रह पाता है मैं तुम्हारे दैनिक जीवन की कुछ ऐसी परिस्थितियां बता रहा हूं जहां पर तुम्हें हमें हमेशा चुप रहना है अगर तुम ऐसी जगहों पर कुछ बोलोगे तो तुम्हारा अपमान ही होगा या फिर तुम्हें कोई गंभीरता से नहीं लेगा सबसे पहली जगह है या यूं कहे ऐसी परिस्थिति जहां पर इंसान को हमेशा चुप रहना चाहिए वो है जब किसी ऐसे विषय के बारे में बातचीत हो रही हो जिसके बारे में आपको कोई जानकारी ही नहीं है तो ऐसी परिस्थिति में

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